चुपके
चुपके
रात
दिन
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खैंच लेना ,वो मेरा परदे का कोना , दफ्फातन
और , दुपट्टे से तेरा , वो मुंह छुपाना याद है
और , दुपट्टे से तेरा , वो मुंह छुपाना याद है
तुझ से मिलते ही वो कुछ , बेबाक हो जाना मेरा
और तेरा दांतों में , वो उंगली दबाना याद है
और तेरा दांतों में , वो उंगली दबाना याद है
चोरी-चोरी हम से तुम , आ कर मिले थे जिस जगह
मुद्दतें , गुजरीं पर , अब तक , वो ठिकाना याद है
मुद्दतें , गुजरीं पर , अब तक , वो ठिकाना याद है
दोपहर , की धूप में , मेरे बुलाने के लिए
वो तेरा , कोठे पे , नंगे पांव ,
वो तेरा , कोठे पे , नंगे पांव ,
आना याद है !
गैर की नज़रों से बचकर , सब की मर्ज़ी के ख़िलाफ़
वो तेरा , चोरी छिपे , रातों को , आना याद है
वो तेरा , चोरी छिपे , रातों को , आना याद है
बेरुखी के साथ सुनना ,. दर्द-ए-दिल की दास्तां
वो कलाई में , तेरा कंगन, घुमाना याद है
वो कलाई में , तेरा कंगन, घुमाना याद है
वक्त-ए-रुखसत , अलविदा का लफ्ज़ , कहने के लिए
वो तेरे , सूखे लबों का , थरथराना याद है
वो तेरे , सूखे लबों का , थरथराना याद है
चुपके चुपके रात दिन , आँसू बहाना याद है ||

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