दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहे को दुनिया बनाई – २
काहे बनाए तूने , माटी के पुतले
धरती ये प्यारी प्यारी , मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने , दुनिया का खेला – २
जिसमें लगाया , जवानी का मेला
गुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहे बनाया तूने , दुनिया का खेला – २
जिसमें लगाया , जवानी का मेला
गुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहे को दुनिया बनाई … !
दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई , काहे को दुनिया बनाई
तूने काहे को दुनिया बनाई .
तू भी तो तड़पा होगा , मन को बनाकर
तूफ़ां ये प्यार का , मन में छुपाकर
कोई छवि तो होगी , आँखों में तेरी – २
आँसू भी छलके होंगे , पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको, काहे को प्रीत जगाई
तूफ़ां ये प्यार का , मन में छुपाकर
कोई छवि तो होगी , आँखों में तेरी – २
आँसू भी छलके होंगे , पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको, काहे को प्रीत जगाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहे को दुनिया बनाई … !
दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई , काहे को दुनिया बनाई
तूने काहे को दुनिया बनाई .
प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया, हंसना सिखाया , रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाए – २
मीत मिलाके तूने सपने जगाए
सपने जगाके तूने, काहे को दे दी जुदाई
जीवन के पथ पर मीत मिलाए – २
मीत मिलाके तूने सपने जगाए
सपने जगाके तूने, काहे को दे दी जुदाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहे को दुनिया बनाई … !
दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई , काहे को दुनिया बनाई ? तूने काहे को दुनिया बनाई ...... ! ! !

