Saturday, 30 January 2016

आ नींद का , सौदा करें , एक ख्वाब दें , एक ख्वाब लें

धागे  तोड़  लाओ ,  चांदनी  से  नूर  के !     घूंघट  ही  बनालो , रोशिनी  से  नूर  के !   >>


धागे  तोड़  लाओ  , चांदनी  से  नूर  के !     घूंघट  ही  बनालो  ,  रोशिनी  से  नूर  के  !


शर्मा   गई   तो  , आगोश  में  लो ,                 हम  सांसों  से  उलझी  , रही  मेरी  सांसें                 ................

बोल    हलके  हलके , बोल    हलके  हलके  ,     होंट   से  हलके  हलके , बोल    हलके

बोल    हलके  हलके ,बोल    हलके  हलके  ,    होंट  से  हलके  हलके ,  बोल    हलके       ....................







  नींद  का     , सौदा  करें ,    एक  ख्वाब  दें ,   एक  ख्वाब  लें
एक  ख्वाब  तो   , आँखों  में  है , एक  चाँद  के  तकिये  तले !

कितने  दिनों  से  ,  यह  आस्मां  भी ,   सोया  नहीं  है ,  इसको   सुला  दें   ! !

बोल    हलके  हलके , बोल    हलके  हलके
होंट   से  हलके  हलके

बोल    हलके , बोल    हलके  हलके
बोल    हलके  हलके , होंट   से  हलके  हलके

बोल    हलके ...................................


उम्रें  लगी ,  कहते  हुए , दो  लफ्ज  थे  , एक  बात  थी

वोह  एक  दिन ,   सौ  साल  का , सौ  साल  की  , वोह  रात  थी

कैसा   लगे  जो ,  चुपचाप  दोनों , पल  पल  में  पूरी ,  सदियाँ  बितादें   !

बोल    हलके  हलके , बोल    हलके  हलके
होंट   से  हलके  हलके ..............................

धागे  तोड़  लाओ  चांदनी  से  नूर  के , घूंघट  ही  बनालो  रोशिनी  से  नूर  के

शर्मा  गई   तो ,  आगोश  में  लो , हो  सांसों   से  उलझी ,  रही  मेरी  सासें
बोल    हलके  हलके , बोल    हलके  हलके

होंट  से  हलके  हलके , बोल    हलके

बोल    हलके  हलके ,बोल    हलके  हलके , होंट   से  हलके  हलके , बोल    हलके    ................ |


गली में आज चाँद निकला , गली में आज चाँद निकला !

तुम आये  , जो आज ,  मुझे याद , गली में आज चाँद निकला

जाने कितने दिनों के बाद ,  गली में आज चाँद निकला

जाने कितने दिनों के बाद  , गली में आज चाँद निकला



गली में आज चाँद निकला  , गली में आज चाँद निकला !


तुम आये जो आज , मुझे याद ,  गली में आज चाँद निकला


जाने कितने दिनों के बाद  , गली में आज चाँद निकला   ,,

 जाने कितने दिनों के बाद  , गली में आज चाँद निकला





गली में आज चाँद निकला , गली में आज चाँद निकला

तुम आये जो आज , मुझे याद ,  गली में आज चाँद निकला ..............

आज की रात जो मैं सो जती ,  खुलती आँख सुबह हो जाती

मैं तो हो जाती बस बर्बाद ,मैं तो हो जाती बस बर्बाद

गली में आज चाँद निकला , गली में आज चाँद निकला

गली में आज चाँद निकला


जाने कितने दिनों के बाद ,  गली में आज चाँद निकला

तुम आये जो आज मुझे याद  , गली में आज चाँद निकला

जाने कितने दिनों के बाद गली में आज चाँद निकला

गली में आज चाँद निकला


मैं ने तुमको आते देखा  , अपनी जान को जाते देखा

जाने फिर क्या हुआ नहीं याद , जाने फिर क्या हुआ नहीं याद

गली में आज चाँद निकला


गली में आज चाँद निकला , गली में आज चाँद निकला   ,,  जाने कितने दिनों के बाद गली में आज चाँद निकला  ..........|