Tuesday, 18 August 2015

चुप रहना ये अफ़साना, कोई इनको न बतलाना , इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी !















ये रेशमी ज़ुल्फ़ें, ये शरबती आँखें , इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी
इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी !



ये रेशमी ज़ुल्फ़ें, ये शरबती आँखें , इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी
इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी  !



जो ये, आँखे शरम से, झुक जाएंगी
सारी, बातें यहीं बस रुक जाएंगी !


चुप रहना ये अफ़साना, कोई इनको बतलाना
कि इन्हें देखकर पि रहे हैं सभी , इन्हें देखकर पि रहे हैं सभी !




ये रेशमी ज़ुल्फ़ें, ये शरबती आँखें , इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी
इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी



ज़ुल्फ़ें, मग़रूर इतनी, हो जाएंगी ,
दिल को तड़पाएंगी, जी को तरसाएंगी !



ये कर देंगी दीवाना, कोई इनको बतलाना ,कि इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी



इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी !




ये रेशमी ज़ुल्फ़ें, ये शरबती आँखें इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी
इन्हें देखकर, जी रहे हैं सभी !



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