आबोदाना ढूँढते है, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, , रात में या दोपहर में
आबोदाना ढूँढते है, , एक आशियाना ढूँढते हैं
आबोदाना ढूँढते है, , एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने .............................................................
इन भूल भुलैय्या गलियों में , अपना भी कोई एक घर होगा
अंबर पे खुलेगी खिड़की या , खिड़की पे खुला अंबर होगा
असमानी रंग की आखों में, ,अस्मानी या आसमानी ?
असमानी रंग की आखों में, , बसने का बहाना ढूँढते हैं
ढूँढते हैं !
आबोदाना ढूँढते है, , एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, , रात में या दोपहर में
आबोदाना ढूँढते है, , एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने ........................................................................
जब तारे जमीन पर ... , तारे और ज़मीन पे ? ........... of course !
जब तारे जमीन पर जलते हैं, , आकाश जमीन हो जाता है
उस रात नहीं फ़िर घर जाता, , वो चाँद यहीं सो जाता है
जब तारे जमीन पर जलते हैं, ,आकाश जमीन हो जाता है
उस रात नहीं फ़िर घर जाता, , वो चाँद यहीं सो जाता है
पल भर के लिए ... , पल भर के लिए ...
पल भर के लिए इन आखों में, , हम एक ज़माना ढूँढते हैं
ढूँढते हैं , आबोदाना ढूँढते है, , एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, , रात में या दोपहर में
आबोदाना ढूँढते है, , एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने ... ( 3 ) .. ............................हो दो दीवाने ||

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